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अहमदाबाद में शनिवार और रविवार को कर्फ्यू :लोगोमे लॉकडाउन की देहसत

     कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते अहमदाबाद में शुक्रवार (20 नवंबर) रात 9 बजे से सोमवार (23 नवंबर) सुबह 6 बजे तक (57 घंटे) कर्फ्यू लगा दिया गया है। हालांकि, पूरे शहर में अफवाह है कि शहर में फिर से लंबा लॉकडाउन लगने वाला है। इसी के चलते बाजारों में जरूरी वस्तुएं खरीदने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा।अहमदाबाद के कालूपुर मार्केट में शुक्रवार सुबह से ही ये आलम है कि बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं है। इसी को लेकर दैनिक भास्कर ने शहरवासियों से अपील की है कि अफवाह पर ध्यान न दें। ये कर्फ्यू सिर्फ आज रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक ही रहेगा।मॉल से लेकर मार्केट और सब्जी मंडियों तक खरीदारी के लिए भारी भीड़ है, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। इस दौरान भी लोग न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रख रहे हैं। इसी के चलते अब नगर निगम द्वारा वे दुकानें सील की जा रही हैं, जहां भीड़ ज्यादा हो रही है।
       गुजरात में फिर से लॉकडाउन की अफवाह पर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि ये महज अफवाह है। गुजरात में लॉकडाउन नहीं लगेगा। ये सिर्फ वीकेंड कर्फ्यू है, जो आज रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक ही रहेगा। दिवाली के बाद से अहमदाबाद में तो कोरोना विस्फोट के हालात बन गए हैं। एक ही दिन में यानी 16 नवंबर को, सिविल अस्पताल में 140 मरीजों को भर्ती करवाया गया था। इसके बाद से हर रोज कोरोना मरीजों की संख्या 100 से ऊपर ही जा रही है। वहीं, ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इस समय 723 कोरोना के मरीज हैं, जिनमें से 384 की हालत तो ऐसी है कि उन्हें बिना ऑक्सीजन के रखा ही नहीं जा सकता। वहीं, अब सांस में तकलीफ वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी के चलते राज्य सरकार ने हालात से निपटने के लिए और केंद्र खोलने की घोषणा की है।
      अहमदाबाद में कोरोना मरीजों को लेकर सिविल अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट जेपी मोदी ने बताया कि 174 वेंटीलेटर बेड ऑक्युपाइड किए गए हैं, 24 लोग वेंटीलेटर पर हैं। 94 लोग बाइपेप पर हैं। बाइपेप का इस्तेमाल फेफड़ों में से कफ निकालने के लिए किया जाता है। बाइपेप पर रखा जाना ऑक्सीजन के बाद और वेंटीलेटर के पहले की स्थिति है। उधर, ऑक्सीजन पर रखे गए काफी मरीजों की स्थिति भी खराब है। 68 मरीज 11 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन और 160 मरीज दो मास्क पर 2 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन पर हैं। सामान्य रूप से कोई व्यक्ति 2 लीटर प्रति लीटर ऑक्सीजन लेता है। पिछले दो दिनों से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है और अन्य कॉर्पोरेशन के अस्पतालों में और होम क्वारैंटाइन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे स्थिति के विस्फोटक होने का खतरा मंडरा रहा है।

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Written by Mahendra Patil

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